Friday, November 15, 2019
Follow us on
 
BREAKING NEWS
चंडीगढ़ जिला अदालत व पंजाब एवं हरियाणां हाईकोर्ट को आज 29 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया हैबिग ब्रेकिंग * पंचकूला- पंचकूला की राजीव कलोनी में चली तलवारे*-पीएम मोदी बोले- आयुष्मान भारत न्यू इंडिया के क्रांतिकारी कदमों में से एकहरियाणा विघानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने 78 प्रत्याशियों की पहली सूची की जारी- नई दिल्ली में भा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक राष्ट्रीय कार्यालय में चल रही है। प्याज पर सरकार का बड़ा फैसला, निर्यात पर तत्काल प्रभाव से लगाई रोकदिल्ली उतरा पीएम मोदी का विमान, स्वागत को एयरपोर्ट पर उमड़े कार्यकर्ताUN में भारत ने पाकिस्तान को धोया, कहा- अल कायदा-ISIS आतंकी को देता है पेंशन!
 
 
 
Business

मोदी सरकार दे सकती है सस्ते घर की सौगात, GoM का मिला साथ!

February 08, 2019 10:06 PM

मोदी सरकार आम लोगों को आने वाले दिनों में सस्ते घर का तोहफा दे सकती है.दरअसल, बीते महीने 10 जनवरी की बैठक में जीएसटी काउंसिल ने रियल एस्टेट क्षेत्र की दिक्कतों या चुनौतियों का पता लगाने और टैक्स स्लैब की समीक्षा के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) का गठन किया था. गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल की अध्यक्षता में GoM ने अपनी पहली बैठक में निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं के मकानों पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का पक्ष लिया है.

अगर जीओएम की इस बात को जीएसटी काउंसिल मान लेती है तो निर्माणाधीन मकानों की कीमतों में बड़ी कटौती होगी. बता दें कि इस GoM में नितिन पटेल के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, पंजाब और उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री, तथा गोवा के पंचायत मंत्री माउविन गोदिन्हो शामिल हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने कहा कि GoM एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगा. इसके अलावा आगामी जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस रिपोर्ट को रखेगा. एक अधिकारी के मुताबिक GoM आवासीय घरों पर जीएसटी की दरों को बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के कम करके 5 फीसदी और किफायती आवास पर स्लैब को घटाकर 3 फीसदी करने के पक्ष में है.

अभी क्या है स्लैब

वर्तमान में निर्माणाधीन संपत्तियों और ऐसे तैयार फ्लैट जहां बिक्री के समय कार्य पूरा होने का प्रमाणपत्र नहीं दिया गया, उनके भुगतान पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाता है. इससे पहले जब जीएसटी लागू नहीं था तब इन संपत्तियों पर 15 से 18 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जाता था.

बता दें कि बीते जीएसटी लागू होने के बाद ऐसी शिकायतें मिलीं कि बिल्डर संपत्तियों के दाम में कमी लाकर ग्राहकों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं दे रहे हैं. हालांकि ऐसी रीयल एस्टेट संपत्ति जिसके लिए बिक्री के समय कार्य पूरा होने संबंधी प्रमाणपत्र जारी हो चुका है, उनके खरीदारों पर जीएसटी नहीं लगाया जाता है.

Have something to say? Post your comment
More Business News
सोमवार से बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, ये हैं संकेत
मोदी सरकार को सफलता, 1 लाख करोड़ के पार हुआ जीएसटी कलेक्‍शन
बजट से पहले आम लोगों को मिली राहत, सस्‍ते हुए गैस सिलेंडर के दाम
क्या है न्यूनतम आय का वादा, कितना मुमकिन है राहुल गांधी के इस वादे पर अमल
इस बजट से नोटबंदी-GST का दर्द भूल जाएंगे लोग?
जेटली नहीं, पीयूष गोयल पेश करेंगे अंतरिम बजट, वित्त मंत्रालय का मिला अतिरिक्त प्रभार
दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट लेना पड़ेगा महंगा, 1 फरवरी से नए नियम लागू
Budget 2019: महिलाओं के लिए जेटली के पिटारे में क्‍या होगा?
मोदी सरकार का ऐलान- 63 नहीं, अब केवल 1 दिन में होगी ITR की पड़ताल
मोदी सरकार ने कारोबारियों को दी बड़ी राहत, 40 लाख से कम टर्नओवर पर नहीं लगेगा GST